Monday, 21 May 2018

Google AdSense Auto Ads: सब कुछ जो आपको जानना चाहिए!

Google AdSense इस planet का अभी तक सबसे बढ़िया ad program है. चाहे, इसके बहुत सारे alternatives हैं, लेकिन innovation, user-friendliness और overall experience के terms में अभी तक इससे बढ़िया कोई भी अन्य competitor perform नहीं कर पाया है.



February 21, 2018 को AdSense की team ने Google Auto ads को सभी के लिए launch कर दिया था. ये हाल के time में AdSense की team के द्वारा की गयी one of the biggest innovation है. यहाँ तक कि Auto ads आपका नजरिया बदल देंगी जिस हिसाब से आप AdSense को use करते रहे हैं.



ज़्यादातर AdSense publishers के biggest concerns में से है, ad placement, ad optimization और एक बढ़िया user-experience बनाये रखना. आप देख रहे है- www.hinditipszone.com

Google Auto Ads publishers के लिए ये सब चीज़ों को manage करने के लिए artificial intelligence का use करती हैं. फिर भी एक publisher के रूप में आप ये चीज़ें manage कर सकते हैं:


  • Global Settings: ads कब display हों.
  • Domain-based setting: इस चीज़ को configure कीजिये की कौनसे domain या subdomain पर कौनसी ads show हों.
  • Directory Settings: आप इस चीज़ को configure कर सकते हैं की किसी एक particular directory में किस तरह की ads show हों. Example के लिए, pagination वाले pages और archive वाले pages में, आप चाहेंगे कि matched content वाली ads show न हों, तो आप इस चीज़ को AdSense के settings panel से control कर सकते हैं. इस feature को Advanced URL settings के नाम से जाना जाता है


Auto ads के बारे में अभी तक हमें users से mixed reviews ही मिलें हैं. फिर भी main AdSense के Auto ads के भविष्य को लेकर आशावादी हूँ क्योंकि ये publisher के सर से ad optimization का भोझ हल्का कर देंगी और blogger केवल बढ़िया content build करने में अपना सारा ध्यान लगा पायेगा. Google AdSense हमेशा से ही एक plug and play program रहा है, पर अब ये completely automatic हो गया है. इसका श्रेय Artificial Intelligence को जाता है. आप देख रहे है- www.hinditipszone.com


AdSense Auto ads के बारे में जानने के लिए Important बातें

जिस किसी ने भी कभी Google AdSense को use किया है, उसके लिए Auto Ads बिलकुल भी एक समस्या नहीं है. फिर भी, Auto-ads को use करने से पहले, कुछ चीज़ें है जोकि आपको जाननी चाहिए. ये आपके उन प्रश्नों का उत्तर दे देंगी जो आपके मन में इसकी integration को लेकर हैं.


  • यदि आपने अपने ब्लॉग पर already AdSense ads को लगाया हुआ है, आप decide कर सकते हैं कि आप उन्हें अभी remove नहीं करना चाहते. AdSense Auto ads automatically ही उन्हें detect कर लेंगी, और अधिक ads उस हिसाब से display करेंगी.
  • क्या आप already Anchor या Vignette ads use कर रहें हैं? AutoAds में Anchor और Vignette ads included हैं और इसके साथ-साथ Text और display ads, In-feed और Matched content ads भी शामिल हैं. इस बात को note कीजिये की सभी users जोकि Page-level ads को use करते हैं, किसी भी code को add किये जाने की आवश्यकता के बिना, Auto ads पर migrate कर दिए जायेंगे. फिर भी अपने AdSense account में login करके Auto-ads के लिए Global settings को set करना एक बढ़िया idea होगा.

Google AdSense Auto Ads को कैसे enable करें?

Steps:

  • अपना Google AdSense account में login कीजिये
  • Ads > Auto Ads में जाईये.


  • Setup Auto Ads’ पर क्लिक कीजिये.
  • Global settings को configure कीजिये.


  • Enabling automatically करके नीचे नए formats आ जायेंगे.
  • फिर save पर क्लिक कीजिये.
  • अब ad codes को अपने blog या website के हर एक page में लगाईये. हम इसके लिए Google tag manager का प्रयोग करते हैं. आप अपने लिए किसी भी बढ़िया technique का प्रयोग कर सकते हैं. यदि आप already page level ads को use कर रहें हैं, तो आपको कुछ भी करने की ज़रुरत नहीं है.
  • आप हमेशा Google Auto ads की performance को My Ads > Auto ads में जाकर और Statistics में जाकर check कर सकते हैं.


Overall ये देखना बड़ा मजेदार होगा की Google Auto Ads future में कैसे काम कटे हैं. अभी तक, हमें इसके बारे में Mixed reviews ही मिल रहें है. कुछ लोग compalint कर रहे हैं की उन्हें ये system ज्यादा ads दिखा रहा है.



पर जैसा की मैंने पहले खा, समय के साथ ये कुछ ऐसा है जिसे सभी को adapt करना होगा, तो जैसे कि ये system machine learning को use करता है, ये समय के साथ अपने आप बेहतर होगा.

Blogging Tips: BlogSpot में Custom domain से Google Adsense Account कैसे बनायें

अगर आप एक blogger है तो आपने Google Adsense के बारे में जरुर सुना होगा. Google Adsense एक सबसे बढ़िया contextual advertisement programs है. 

आज के इस post में मै आपको Blogspot में custom domain name के द्वारा Google Adsense account कैसे बनाते है इसके बारे में मै आपको step by step guide शेयर करूँगा.

 एक bloggers होने के नाते आपको पता होगा की Adsense कितना पापुलर advertisement network है.

इन्टरनेट पर Google Adsense के बहुत से alternatives available है. लेकिन इसमें कोई शक नहीं है उन सभी alternatives में से Google Adsense हर एक bloggers और इन्टरनेट मर्केटर की पहली पसंद होती है.

 जब मैंने blogging start किया था, तब मेरे लिए “AdSense” एक बहुत ही जटिल concept था. उस time मुझे कोई idea नहीं था की Google Adsense का अकाउंट कैसे बनाते है.



 ये post उनके लिए उपयोगी है जिनको ये नहीं पता है की Google Adsense के लिए कैसे apply करते है. 

 Google Adsense के लिए apply करने के लिए आपको कुछ requirement की जरूरत पड़ती है. अगर आप ये requirements पूरी नहीं करते तो आप adsense के लिए नहीं apply कर सकते है.


  •  Adsense के लिए apply करने के लिए आपके पास एक ब्लॉग अथवा वेबसाइट होना चाहिये.
  •  आपकी age 18 साल होनी चाहिये. 18 साल से पहले आप Adsense के लिए apply नहीं कर सकते है.

AdSense ने recently AdSense approval process में पहले के मुकाबले कुछ new चीज़ include कर दिया है. New approval process के अनुसार-


  • सबसे पहले Adsense के लिए Sign up करे.
  • Adsense के लिए Sign up करने के बाद adsense की team आपके email पर एक मेसेज send करेगी. जिसमे वह आपको adsense का ads ब्लॉग/वेबसाइट में add करने के लिए बोलेगी.

एक बार जब आप Adsense के ads को ब्लॉग/वेबसाइट में add कर देंगे उसके बाद Adsense की team आपके ब्लॉग/वेबसाइट को फिर से review करेंगी और ब्लॉग/वेबसाइट के कंडीशन के अनुसार approval देगी.

 नया AdSense account approval process थोडा lengthy है. इस process से Adsense की quality सभी users के लिए maintain होगी. Adsense के लिए apply करने से पहले ये निस्चय कर ले की आपका वेबसाइट अथवा ब्लॉग Adsense की सभी policies को follow कर रहा है. इसके साथ साथ adsense की terms and conditions को read करना ना भूले.


नोट-   इस method के द्वारा AdSense Account Create करने से पहले इस बात का ध्यान रखे की ये तरीका आपके लिए तब काम करेगा जब आपके ब्लॉग पर Custom domain name add होगा. यदि आप एक free blogspot ब्लॉग उपयोग करते है तब उस condition में ये method आपके लिए काम नहीं करेंगा.

आने वाले post में मै आपको free blogspot ब्लॉग में Adsense acount कैसे create करते है. इसके बारे में भी step by step गाइड शेयर करूँगा.

Step-by-Step BlogSpot Custom Domain AdSense Account Create करे

सबसे पहले Google Adsense की official website पर जाये. Google Adsense की official website पर जाने के लिए निचे दिए गए link पर click करे

Click here Adsence 

जब आप Google Adsense की official website को ओपन करेंगे तो उसके homepage पर आपको एक जगह पर “Sign in” का option दिखाई देगा. आपको उस Sign in पर click करना होगा. आप अपनी gmail id का उपयोग करने Sign in कर सकते है. यहाँ पर आप एक बात का ध्यान रखे की आप अपने उसी gmail id से Sign in करे जिससे आप अपना google adsense account create करना चाहते है.




  •  जब आप अपने gmail id से sign in कर लेंगे तो आपके सामने कुछ इस तरह का screenshot दिखाई देगा. यहाँ पर आप 2 option दिखाई देंगे. उसमे से आपको “Sign in” पर click करना होगा.





  • जब आप “Sign in” पर click करंगे तो आपके सामने एक नया पेज ओपन हो जायेगा. उस पेज में वह आपसे 2 चीज़ पूछेगा.
  • My Website- इस box में आपको अपने original वेबसाइट अथवा blog URL लिखना होगा.
  • Content Language- इस box में आपको अपने वेबसाइट अथवा blog की Language को select करना होगा. यदि आप अपना ब्लॉग hindi में लिखते है तो आप hindi select करे और यदि आप english में blogging करते है तब आप english select करे. 





  • ये दोनों box सही सही भरने के बाद “save and continue” पर click कर दें.
  •  Next Step में जब आप “save and continue” पर click करेंगे तो आपके सामने एक और नया पेज ओपन हो जायेगा. वह पेज एक तरह का एक फॉर्म होगा. आपको इस फॉर्म को बहुत ही ध्यानपूर्वक भरना होगा. इस फॉर्म में सभी basic चीज़ ही पूछेगा. हर कोई इस फॉर्म को बहुत ही आसानी से भर सकता है.



  • फॉर्म पूरी तरह से भरने के बाद उसको कई बार चेक कर ले. फॉर्म भरते समय confirm कर ले की आपका नाम और address दोनों सही सही है  क्योकि इस फॉर्म नाम और address ही सबसे जरुरी होता है. आपको अपना नाम और address पूरी तरह सही सही भरना चाहिये.  अगर आपका नाम और address गलत भरा जाता है तो आने वाले time में आपको कई तरह के problem का सामना करना पड़ सकता है.
  •  जब आपका फॉर्म पूरी तरह से भरा जाये तो उसके बाद “Submit My Application” पर click कर दें. “Submit My Application” पर click करने के बाद के नया box ओपन होगा. जंहा पर आपको अपना मोबाइल नंबर verify करना होगा. आपके homepage पर एक box दिखाई देगा. उस box में अपना मोबाइल नंबर डाल दे. Text message और voice call इन 2 तरीको से आप अपना मोबाइल नंबर verify कर सकते है. दोनों में से कोई एक option choose कर “Send Verification Code” पर click कर दे. 




  • “Send Verification Code” पर click पर click करने के बाद आपके फ़ोन पर एक code आयेगा. आपको उस code अपने सामने के दिख रहे box में डाल कर Verify पर click कर दे. Verify पर click करते ही आपके सामने adsense की terms and conditions का एक popup ओपन हो जायेगा. आप सबसे पहले Adsense की terms and conditions को अच्छी तरह से पड़ ले उसके बाद वहाँ पर एक tick मारकर “Accept” पर click कर दे. 



  • जब आप “Accept” पर click करेंगे उसके बाद कुछ इस तरह का screenshot दिखाई देगा. जिसका मतलब ये होगा की आपने सफलतापूर्वक Adsense के लिए apply कर दिया है. 


एक बार जब आप Adsense के लिए apply कर देंगे तो उसके बाद adsense की team आपके ब्लॉग का रिव्यु करेंगी. रिव्यु करने के बाद वह आपको एक message send करेगी. जिसमे वह बोलेगी की आप अपने Google Adsense acount में login ads create करे. और उस ads को अपने ब्लॉग में लगाये. जब आप अपने ब्लॉग में ads लगायेगे उसके बाद आपके ब्लॉग में blank ads show करेगा. जब आपके ब्लॉग में blank ads show होगा उसके बाद adsense की team फिर से आपके ब्लॉग को रिव्यु करेगी. और आपके ब्लॉग के कंडीशन के हिसाब से आपको approval देगी.

जब आप अपने ब्लॉग में ads लगायेगे उसके बाद आपके ब्लॉग में blank ads show करेगा. जब आपके ब्लॉग में blank ads show होगा उसके बाद adsense की team फिर से आपके ब्लॉग को रिव्यु करेगी. और आपके ब्लॉग के कंडीशन के हिसाब से आपको approve देगी.

 एक बार जब आपका Adsense acount पूरी तरह से activate हो जायेगा उसके बाद आप adsense के ads को अपने ब्लॉग में लगा कर paisa कमाना start कर सकते है!

Blogging Tips: Self-Hosted WordPress BlogSpot से बढ़िया क्यों है?

किसी भी नयें Blogger के लिए सबसे पहली और बड़ी confusion ये होती है कि कौन सा Blogging Platform चुने? वैसे तो जो most suggested platform है वो हैं, BlogSpot, WordPress, Tumblr. अब जब हम professional front से देखते हैं तो WordPress सबसे बढ़िया choice है. बहुत सी ऐसी चीज़ें हैं जो आप एक self-hosted WordPress blog के साथ कर सकते हैं पर एक BlogSpot Blog के साथ नहीं कर सकते.






BlogSpot और WordPress दोनों ही free Blogging Platform offer करते हैं जोकि अपना Blogging career शुरू करने के लिए बढ़िया है, परन्तु Best नहीं है. अगर आप इनमे से किसी भी free Blogging platform पर Blogging कर रहें हैं तो आप इस article को पढ़िए और जानिए कि self-hosted WordPress Blog की एक free blogging platform को उसे करने में क्या limitations हैं.

मैंने भी अपना blogging career BlogSpot से ही शुरू किया था और फिर self-hosted WordPress blog पर shift हो गया. जैसा कि मैंने ऊपर mention किया कि BlogSpot blogging शुरू करने के लिए एक बढ़िया blogging platform है, परन्तु long run में WordPress ही है जो आपको चुनना चाहिए. चलिए इस पोस्ट में मैं आपको बताता हूँ कि एक self-hosted WordPress blog,  free BlogSpot blog और WordPress.com blogs से किस-किस मायने में बढ़िया है.

यदि आप WordPress के Dashboard से परिचित है और WordPress पर move करना चाहते हैं तो आपको मेरे इस blog post को पढना चाहिए.

WordPress vs. BlogSpot Blogging Platform: Hindi

जैसा कि मैंने BlogSpot को भी काफी समय तक use किया है तो मैं उसके benefits और downsides को अच्छी तरह से जानता हूँ और मैं यहाँ पर उसके benefits को list नहीं करने वाला क्योंकि वे सब WordPress के पास already हैं.

Blog के ऊपर आपका Control:

यह एक सबसा बड़ा कारण है कि मैं self hosted WordPress का समर्थन करता हूँ. Blogspot Google के स्वामित्व में है और ऐसी संभावना है हैं कि वह आपको बिना बताएं आपका ब्लॉग हटा सकते हैं. अगर आप custom domain feature भी उपयोग करते हैं तोbसंभावना हैं कि spammers Flag as Spam वाला feature use करके आपके ब्लॉग को spam report कर दें. तो Google आपका ब्लॉग हटा सकता है. यह बहुत ही सामान्य है और आप Google पर एक search करके देख भी सकते हैं कि बहुत से Bloggers इस समस्या से परेशान भी हैं.




विजेता: Self Hosted WordPress Blog

Search Engine Optimization:

यह फर्क नहीं करता कि आपका ब्लॉग कहाँ पर hosted है, किसी भी ब्लॉग के लिए traffic पहली और आखरी चीज़ होती है. Search Engine Optimization आसान शब्दों में search engine के लिए आपके ब्लॉग के लिए traffic प्राप्त करने को कहते हैं. अगर WordPress और BlogSpot को Compare किया जाए, WordPress आपके ब्लॉग को search engine के लिए optimize करने के लिए ज्यादा विकल्पों की पेशकश करता है, दूसरी और आप BlogSpot में बस कुछ settings तक ही सीमित रह जाते हैं.

Plugins और Support:



WordPress के पास plugin जैसे विशेषताएं और एक strong community का समर्थन है. जब मैं BlogSpot use करता था तो मैंने बहुत सा time अपनी theme को edit करने और features जैसे कि Related Posts को display करने में लगाया. WordPress आपकी लाइफ plugins के जरिये बहुत easy बना देता है. Plugins को use करके आप कुछ भी acheive कर सकते हैं और यदि नहीं तो आपWordPress support fourm की help भी ले सकते हैं जहाँ से आप अपने blog की capabilities को extend करने के लिए custom code भी प्राप्त कर सकते हैं.

WordPress ki Reputation:

इसे मनुष्य कि क्षमता या perception के रूप में समझा जा सकता हैं कि ज्यादातर लोग BlogSpot को बढ़िया नज़रिए से नहीं देखते. एक simple सा कारण ये है कि ये free है और बहुत से लोग इसे Blackhat SEO, spamming और Affiliate Landing Pages के लिए use करते हैं. जब हम self-hosted blog की बात करते हैं, लोग सोचते है कि इसने service के लिए pay किया है और वेह अपने blog के लिए serious है.

WordPress Theme और Templates:




BlogSpot बहुत से templates offer करता है पर WordPress के commercial nature के कारण, आप unlimited free और premium WordPress themes प्राप्त कर सकते हैं. वैसे भी आपके पास FTP access होता है, आप अपनी WordPress theme की look और feel को पूरी तरह से बदल सकते हैं. Yaha pe maine kuch popular WordPress themes list kiye hain:


  • Genesis Theme
  • ThriveThemes
  • ElegantThemes


Google AdSense:



AdSense किसी भी Blogger के लिए life-line होता है जो भी अपने blog से पैसे कमाना चाहता है. पहले BlogSpot AdSense account को apporove करने के लिए Best Method हुआ करता था, परन्तु बाद में अपने BlogSpot से AdSense account प्राप्त करना मुश्किल हो गया. WordPress और आपके domain email address के साथ, AdSense का approval प्राप्त करना बहुत ही आसन है जोकि एक self-hosted blog का एक और advantage है.

अपने Blog को बेचना:

Google strictly BlogSpot blogs को resell करना allow नहीं करता, पर self-hosted WordPress blog के केस में ऐसा नहीं है. आप हमेशा अपना self-hosted WordPress blog resell कर सकते हैं.

Social Media Websites:

जो लोग social networking sites जैसे कि Stumble upon और Reddit इत्यादि पर सक्रिय हैं, मैं sure हूँ कि आप जानते होंगे कि वहां कोई भी BlogSpot blogs को पसंद नहीं करता. हाँ, अगर आप custom domain use करेंगे तो वह काम करेगा. बहुत से networks जैसे कि BuySellAds BlogSpot blogs को accept नहीं करते. इसमें कुछ बुरा नहीं नहीं परन्तु बात ये है कि WordPress ज्यादा Globally recognized है.

साथ में WordPress regularly update होता रहता है और इसका नयन version आता रहता है, जोकि नयें features और बढ़िया functionality के साथ आता है. दूसरी और BlogSpot समय के साथ बहुत कम update होता है. अब WordPress को use करने की एक downside ये है कि ये costly है. BlogSpot के विपरीत जोकि free है आप, WordPress web hosts पर पैसे खरचेंगे और शायद कुछ themes पर भी. परन्तु जितने भी आप खरचेंगे उसका आपको फल मिलेगा और समय के साथ WordPress आपके लिए पैसे कमाने का जरिया भी बनेगा.

Top 8 Hindi Bloggers Ke Liye Important Blogging Tips


इस post में मै Hindi में आपको कुछ ऐसे Blogging tips के बारे में बताऊँगा जिसको मैंने खुद भी किया और दूसरो की ग़लतियों से सीखा भी है.



1. Visitors आपके blog पर आने के लिए wait नहीं करते है.

अगर आप सोच रहे है की एक ब्लॉग बनाने के बाद कोई भी विजिटर आपके ब्लॉग पर आने के लिए wait करता है, तो आप गलत सोच रहे है.

क्योकि user आपसे ज्यादा smart होते है. और जब तक उनको आपका ब्लॉग helpful नहीं लगेगा तब तक वह आपके ब्लॉग को daily visit नहीं करेगे.




यदि आप चाहते है की आपके visitor आपके ब्लॉग पर आने के लिए wait करे तो आपको अपने ब्लॉग पर ऐसे content publish करने की जरूरत होगी जो उनके मन को जीत ले और उनको मजबूर कर दे आपके ब्लॉग को visit करने के लिए. आप देख रहे है - www.hinditipszone.com

2- Blogging में सभी चीज़े होने के लिए थोड़ा time लगता है.

Blogging में आप shortcut तरीके से successful नहीं हो सकते है क्योकि इसके हर एक चीज़ होने में time लग सकता है. Google को आपके post को index करके traffic send करने में, Twitter followers बढ़ाने, Google Adsense से अच्छी कमाई करने में, इसके अलावा और भी बहुत सी चीज़े है, blogging में जिसको होने में time लग सकता है.

इसलिए जल्दीबाजी में किया गया कार्य आपको नुकसान पंहुचा सकता है. हर घंटे में blogging stats 20 बार देखना आपके काम में नहीं आयेगा.


3- Google अच्छे content को आसानी से पहचान लेता है.

यदि आप सोच रहे है की आप Google को बेवकूफ बना सकते है तो आप गलत सोच रहे है. क्योकि Google आपसे ज्यादा smart है.

इसलिए जब तक आपका content अच्छा और quality का नहीं होगा तब तक आपका post Google के top पर नहीं rank करेगा. Google bots अच्छे और spam content को आसानी से पहचान लेता है.

इसलिए कभी भी Google को बेवकूफ बनाने की कोशिश ना करे.हमेशा blog पर अच्छे content डाले ताकि Google आपके ब्लॉग को पसंद करे और उसको जल्दी index करे.




4- Regular Blog update ना करने के बहुत नुकसान है.

ज्यादातर लोगों का blogging में fail होने का main कारण regular Blog update ना करना होता है.

यदि आप सोचते है की आप हफ्ते में 1-2 post को update कर देने से आपका ब्लॉग successful हो जायेगा तो आप इस बात को अपने दिल से निकाल दे.आप देख रहे है - www.hinditipszone.com

यदि आप एक नया ब्लॉग शुरु करते है तो आपको उसको success करने के लिए उस ब्लॉग पर daily basis पर update करते रहना चाहिये. अगर आप अपने ब्लॉग को daily update करते है तो आपको इससे दो फायदा होंगे.

पहला फायदा ये होगा की आपके ब्लॉग पर जो एक बार visit करेगा वह आपका regular reader बन जायेगा और वह daily आपके ब्लॉग पर नए post को पढ़ने के लिए आयेगा जिसकी वजह से आपके ब्लॉग का traffic बढ़ेगा.

और दूसरा फायदा ये होगा की Google उस ब्लॉग या फिर website को बहुत ज्यादा पसंद करता है जिस पर रोज कुछ ना कुछ update होता रहता है. इसलिए daily update करने से आपकी सर्च इंजन में रैंकिंग बढ़ेगी और आपको सर्च इंजन से ज्यादा traffic मिलेगा.

5- Blogging में आपको overnight success नहीं मिल सकता

जब आप blogging करना start करे तो आप एक बात का ध्यान रखे की blogging एक long-term investment है. जहा पर आपको एक दिन या फिर एक महीने में success नहीं मिल सकता है.

Blogging में success होने के लिए आपको time लग सकता है. जहां तक blogging बिज़नेस का सवाल है तो आपके ब्लॉग का traffic 30 बढ़िया आर्टिकल लिखने के बाद से ही धीरे धीरे increase करता है.

दुसरे words में बोला जाये तो blogging में आप जितना content लिख कर publish करते है, उतना ही बढ़िया आपको result मिलेगा. इस दुनिया में अच्छी चीज़े जल्दी नहीं मिलती है, इसलिए आपको blogging में भी successful होने में समय लग सकता है.

इस तरह से हम कह सकते है की blogging के long-term investment business है. जहा पर आपको success तो मिलती है लेकिन आपको यहाँ पर Overnight success नहीं मिलती है.




6- Writing और Editing ही केवल blogging को जरूरत नहीं होती है.

यदि आप एक बिज़नेस ब्लॉग बना रहे है तो आपके पास केवल writing और editing skills की जरूरत नहीं होती है.

इसके अलावा भी बहुत सी ऐसी चीज़े है जिसके बारे में आपको अच्छी जानकारी रखनी चाहिये. आपको data analyzing करके उसको समझना आना चाहिये और उसके हिसाब से आगे क्या करना है और क्या नहीं करना है ये भी आना चाहिये.

इसके साथ साथ आपको अपने ब्लॉग को re-design भी करना आना चाहिये. अपने content में calls-to-action देना भी आना चाहिये और इनके अलावा आपको email marketing और social media marketing भी आना चाहिये.

इन सभी के आलवा और भी बहुत सी चीज़े है जिसके बारे में आपको जानकारी होनी चाहिये. इसलिए आप ब्लॉग शुरु करने के बाद writing और editing के अलावा इन सभी चीजों के बारे में भी जानने की कोशिश करे.

एक successful बिज़नेस ब्लॉग बनाने के लिए आपको blogging की हर एक छोटी से छोटी चीजों का पता होना चाहिये.आप देख रहे है - www.hinditipszone.com

7- कभी भी सीखना ना बंद करे

Blogging एक ऐसी चीज़ है जिसको कभी भी कोई पूरा नहीं सीख सकता है.

यदि आप blogging करने जा रहे है और आपको blogging के बारे में थोड़ा बहुत पता है तो आप ये कभी मत सोचे की आपको blogging की पूरी जानकारी हो गयी है. और अब आपको blogging में कुछ भी सिखने की जरूरत नहीं है.

अगर आप ऐसा सोचते है तो आपका ब्लॉग कभी successful नहीं होगा क्योंकि कोई भी blogging के बारे में पूरी जानकारी नहीं रख सकता है. इसका मुख्य कारण ये है की blogging में daily कुछ ना कुछ change होता रहता है. और daily blogging में नये नये चीज़े आते रहते है. इसलिए यदि आप अपने ब्लॉग को successful run कराना चाहते है तो आपको daily blogging की नयी चीजों के बारे सीखना चाहिये.

8- नए Blog का Theme बहुत matter रखता है

जब मैंने अपना पहला ब्लॉग शुरु किया था तब मैंने ब्लॉग के theme पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया था.

और मै बहुत ही तड़क भड़क वाला theme अपने blog में उपयोग करता था. फिर एक दिन मेरी मुलाकात एक professional blogger से हुई जिनका नाम शेख असलम था.

हम दोनों एक जगह बैठ कर blogging के बारे में बात करने लगे इसी बीच शेख असलम ने मेरे ब्लॉग को ओपन किया और मेरे ब्लॉग का theme देखकर आश्चार्य होकर मेरी तरह देखने लगे. फिर शेख असलम ने मुझे शांत स्वभाव से एक ब्लॉग की theme की Importance के बारे में बताया और मुझे एक अच्छा theme भी suggest किया और फिर मैंने उनके बताये हुए theme को अपने ब्लॉग में upload किया.

जब मैंने अपने ब्लॉग का theme change किया उसके 1 month के बाद मेरे ब्लॉग में बहुत ही काफी improvement हुआ. इसलिए दोस्त नये Blog का Theme बहुत matter रखता है. आपको अपने ब्लॉग का theme बहुत ही अच्छे तरीके से choose करना चाहिये.

BlogSpot Users WordPress पर Migration करने के लिए कैसे Prepare करे

BlogSpot एक बहुत बढ़िया free blogging platform है अपना blogging career को शुरु करने के लिए. बहुत से ऐसे bloggers होते है जो कुछ time तक BlogSpot पर blogging करने के बाद उनको लगता है की उनके ब्लॉग के future के लिए BlogSpot एक ideal option नहीं है. BlogSpot के एक ideal option ना होने के कई reasons हो सकते है. जैसे-

  •  BlogSpot blog पर आपके blog के SEO के लिए बहुत ही कम control रहता है.
  • आप इस पर अपना ब्लॉग कभी भी lose कर सकते है. Google आपके ब्लॉग को कभी भी बिना बताये delete अथवा ban कर सकता है.
  • BlogSpot को बहुत से advertisement networks नहीं accept करते है. जैसे की Buysellads
  • कोई भी A-list का blogger BlogSpot को नहीं उपयोग करता है.

इसलिए कुछ समय बाद ब्लॉगगेर्स WordPress पर shift करना चाहते हैं. एक नये blogger के लिए WordPress पर ब्लॉग शुरु करना एक rocket science होता है क्योकि उनको WordPress की कुछ basic चीज़े सिखने में time लगता है. जैसे- (Webhosting, cPanel, FTP etc.. क्योंकि ये सभी थोड़ी technical चीज़े होती है.



WordPress पर shift होने के लिए अपने आपको कैसे prepare करे
जब मैंने blogging start किया था तो मैंने भी सभी लोगों की तरह BlogSpot से शुरुवात किया था और मैं उस समय इसको ही एक सही platform मानता था क्योंकि ये एक free platform था और यहाँ पर lose होने के लिए कुछ भी नहीं था. आप देख रहे है - www.hinditipszone.com




मैंने अपने free ब्लॉग पर blogging की basic चीजों को zero investment पर सिखा था.

उसके बाद मैंने अपने Blog को WordPress पर move किया जहाँ पर मैंने WordPress dashboard का उपयोग करने के बहुत से नये चीजों को सिखा. जैसे- FTP, cPanel के द्वारा WordPress install करना, WordPress Robots.txt, .htaccess file creation जैसी और भी बहुत से चीजों के बारे में सिखने को मिला.

इन सभी चीजों को सिखने में मुझे अच्छा खासा time लगा. मैंने इन दिनों बहुत से mistakes भी किये और उन mistakes से बहुत कुछ सिखा भी. जब भी मैं अपने पीछे के दिनों को देखता हूँ. तो मैं अपने इस decision को लेने के लिए खुद को thanks बोलता हूँ.

इसलिए जब भी आप blogspot या फिर किसी दुसरे blogging platform से WordPress पर जाने के लिए सोचते है, तो उसके लिए आपको थोड़ी बहुत preparation करने की जरूरत होती है.

तो चलिए मैं आपको बताता हूँ, की WordPress पर जाने के बाद आपको किन किन चीजों को समझने की जरूरत होती है.आप देख रहे है - www.hinditipszone.com

सबसे पहले आपको self-hosted WordPress blog (WordPress.org) के बारे में पता होना चाहिये.

इसके बाद WordPress को webhosting और domain में install करना आना चाहिये. इसके साथ एक बात का आपको ध्यान रखना चाहिए की एक professional WordPress blog बनाने में आपको कई तरीके से investment करना पड़ता है.

मैंने ऊपर जिन resources को mention किया वह सब WordPress की basic requirement है जिसके बारे में आपको पता होना चाहिए.




Get WordPress Locally

ये आपके लिए एक best zero investment learning curve है. आप WordPress को अपने desktop पर बहुत से methods से install कर सकते है. Windows user के लिए एक बहुत आसान तरीका है. InstantWp software की मदद से आप WordPress को desktop में install कर सकते है. ये software बिलकुल free है और इसको उपयोग करना भी बहुत आसान है.

Get WordPress.com Blog

WordPress.com और WordPress.org blog में बहुत ही बड़ा difference है. इसको आप आसान शब्दों में समझे तो WordPress.com एक free service है BlogSpot जैसा लेकिन फिर भी BlogSpot की तुलना में ये बिलकुल भी अच्छा नहीं है. क्योंकि WordPress.com service में हर एक जगह पर limitation होता है जैसे की आप इस पर कोई भी ads नहीं उपयोग कर सकते है, theme change में भी limitations है, plugins में भी limitations है.

कुल मिलकर कहा जाए तो blogspot हर एक condition में WordPress.com से बढ़िया है. WordPress.com में सिर्फ एक ही चीज़ बढ़िया है की ये free है और इसके free resources से WordPress.org की सभी चीजों को free में सीख सकते है.

Blogging Tips: अपने BlogSpot Blog का Backup कैसे करें? How to Backup and Save a Blogger

BlogSpot या Blogger सब से top blogging platforms में आता है जब हम बात करते हैं फ्री में blog बनाने की परन्तु इसकी बहुत सारी limitations भी हैं.

एक सबसे बड़ी limitation इसकी ये है कि आपके blog का control Google के पास होता है. Google के पास आपके blog को कभी भी delete करने का अधिकार होता है. आम तौर पर Google आपका blog केवल तभी delete करता है जब आप किसी प्रकार की spamming करते हैं अपने blog को use करके या फिर उनकी Terms of Conditions की उलंघना करते हैं. आशंकित ये ही एक कारण है कि मैं Blogger की जगह सभी को WordPress blog (self hosted) बनाने के लिए सलाह देता हूँ.



BlogSpot की इस guideline को follow करने के साथ-साथ एक चीज़ जो आप और कर सकते हैं वो है, अपने BlogSpot blog का regular backup लेते रहना. इससे आप यह पक्का कर सकते हैं कि यदि भविष्य में आपके blog के साथ कुछ बुरा हो भी जाता है तो आप कभी भी अपने blog का सारा डाटा और posts restore कर सकते हैं.




आसान Guide: अपने Blogger blog का backup कैसे करें?

कोई भी BlogSpot blogger अपने blogspot posts, comments और pages का backup ले सकता है, Blogger के export feature का use करके. Backup .xml format में पूरा होगा और आप इसे अपने local desktop में restore भी कर सकते हैं. पर एक दुखद बात ये है कि ये एक manual process है और आपको regularly अपने blog का backup स्वयं करना पड़ेगा. Recommended है कि आप यह काम हर हफ्ते या हर महीने करें.

Simply, Blogger Dashboard में Settings में जाईये और फिर Others में जाईये. वहां पर आपको सबसे ऊपर ही Export blog का option मिलेगा. उसे click कीजिये.


उसके बाद आपके सामने Download Blog का option आएगा, उसपर simply click कीजिये और आपका blog .xml file की फॉर्म में download हो जायेगा. आप इस फाइल को संभल के रख लीजिये.




जब भी आपको कोई मुश्किल होगी, आप इसे अपने नए Blogger Platform पर import करके successfully अपने blog को restore कर पाएंगे.

एक बढ़िया idea यहाँ पर ये है कि अपने customized BlogSpot Template का आप regular interval पर backup लेते रहें. इससे आपकी दो बड़ी समस्याओं का हल हो जाएगा:

यदि आपका कभी blog delete हो जाता है तो, आपके पास अपने blog की theme का complete backup होगा.

यदि कभी भी आप अपने theme के code के साथ खेल रहें हो, और आपसे कुछ उल्टा-पुल्टा हो जाये तो आप अपने template की backup files से orignal template को कभी भी दुबारा restore कर पाएंगे.

मैं आपको ये भी recommend करूँगा कि आप अपनी backup files को Google Drive या फिर Dropbox जैसे किसी online storage service में भी ज़रूर रखें ताकि ये कहीं भी access की जा सकें. मुझे बताईये कि अपने blog का backup रखने के लिए आप किस method को use कर रहें हैं?

Blogging SEO: Google Search Console में URL Parameters कैसे use करें?

Google search console सबसे अच्छे और free SEO optimization tools में से एक है जिसे आप अपने blog में use कर सकते हैं। अगर आप अपने blog को search engine friendly बनाना चाहते हैं तो free search console शुरुआत करने का सबसे अच्छा तरीका है।




आप इससे कई सारी चीजे जैसे Google को sitemap submit करना, 404 pages find करना, site performance check करना और सबसे बड़ी बात जो कि कई सारे users पहले ही share कर चुके हैं कि Google Search console ने किस तरह उनकी website को बचाया।

आज, हम webmaster tool में URL handling के बारे में सीखेगें।

URL Parameters क्या हैं?

URL Parameter को explain करने के कई सारे तरीके हैं, लेकिन मैं WordPress route से बताउंगा और मैं एक छोटा सा example देता हूं कि आपका post permalink कुछ इस तरह दिखता होगा-

domain.com/permalink

लेकिन जब आपको referral sites जैसे Feedburner, Facebook, Twitter आदि से traffic आता है तो आप अपने permalink में कुछ extra lines देखते होगें।

जैसे – domain.com/permalink?utm_source=facebook and so on. यह वास्तव में analytic की help करता है और आपकी site पर traffic कहां से आ रहा है इस पर नजर रखता है।

For an e-commerce site, वे कई सारे sorting options offer करते हैं जैसे – Sort=relevancy , sort=ascending, pagination and so on. इन्हें भी URL parameters consider किया जाता है। सामान्यतया, यह सब कुछ आपकी website के configuration and architecture पर depend करता है कि कौन सा link display किया जाएगा। यह usability और user experience के लिए अच्छा है, लेकिन search engine point of view से इस तरह का content कोई value नहीं रखता और इस तरह के links को index करने की भी कोई आवश्यकता नहीं होती। वास्तव में, आपके clean permalink ही एक link होना चाहिए जो search में index हो।

यहां .htaccess code भी होते हैं जो इस तरह के links को single Permalink की ओर automatically redirect कर देते हैं। लेकिन कभी-कभी Google इन links को भी URL Parameters के साथ index कर लेता है। जो कि ना केवल low-quality content होता है बल्कि duplicate content issue भी create करता है।

Search Console से URL Parameters को Handle करना

Parameter Handling Google webmaster tool में pages की indexing और deindexing करने के लिए एक useful option है जो कि nombile, utm_source, replytocom, preview आदि parameters की वजह से add किया जाता है। इनमें से कुछ तो duplicate content issue भी create कर देते हैं जैसे कि WordPress में replytocom issue. Replytocom issue को fix करने की methods में, मैंने parameter handling के बारे में भी mention किया था। आप देख रहे है - www.hinditipszone.com




कुछ समय पहले Google ने search console tool में parameter handling feature update किया था और ज्यादा setting option add किए थे, जिससे user को ज्यादा control मिला था। कुछ समय पहले parameter handling settings के अंदर एक option हुआ करता था लेकिन अब आप इसे Crawl>URL Parameters से भी access कर सकते हैं।

जब आप edit पर click करते हैं तो आपको और options भी दिखाई देते हैं और आपको साफ-साफ दिखाई दे जाता है कि settings को change करने से search engine visibility पर क्या फर्क पड़ता है।



Recently crawled article के sample आपको यह जानने में मदद करेेगें कि कौनसा link इस parameter को index करवा रहा है, और आप इस setting को भी बदल सकत हैं। यह e-commerce websites में अलग-अलग parameteres को nonindex कर duplication issue से बचने के लिए बहुत useful है। आप देख रहे है - www.hinditipszone.com

इसके साथ ही, कई सारे Parameters को index होने देना और Google से crawl होने देने से आपकी site की crawl rate कम हो जाएगी और यह इससे आपकी hosting में से ज्यादा bandwidth खर्च होगी। इसलिए मेरी recommendation तो यह होगी कि आप देखे कि आपकी site से कौनसे Parameter को Google ने ढूंढा है और इसे confiiguration> URL Parameter में जाकर nonindex के लिए configure कर दे जिससे यह search में कोई भूमिका ना निभा सके।

इसके साथ ही इस setting page को कम से कम महीने में एक बार जरूर check करते रहे जब भी आप अपनी site को SEO audit करे और अगर Google कोई नया Parameter link ढूंढ ले तो उसे nonindex configure कर दे।

मैं मानता हूं कि यह updated URL parameter handling tool webmaster को कुछ serious issues जैसे replytocom को आसानी से खत्म करने में मदद करेगा।

Sunday, 20 May 2018

Best Blogging Tips: Meta Title और Meta Description को SEO optimize कैसे करें?

यदि आप एक blogger हैं, तो आप जानते ही होंगे की अपने ब्लॉग पर traffic लाने का काम आसान नही है. आप हर एक तौर पर अपने को completely SEO optimize करना पड़ता है और quality content provide करना होता है. हम अपने ब्लॉग पर समय-समय पर अलग-अलग SEO optimizations tips शेयर करते रहते हैं. आज भी हम आपके लिए ऐसे ही एक topic के बारे में बात करेंगे. जब बात आती है On Page SEO की तो उसमे दो चीज़ें बहुत महत्वपूर्ण होती हैं, Meta Title और meta description.



On Page SEO में हम अपने existing content और page पर अपनी तरफ से पूर्ण optimization करते हैं जैसे की उपयुक्त keyword density रखना, out linking और internal linking, heading tags, formatting, media का use इत्यादि. इन्ही में दो चीज़ें, meta title और meta description भी होती हैं.



चलिए पहले जान लेते हैं की आखिर ये meta title और meta description होता क्या है.

Meta Title और Meta Description क्या होता है?

जब हम Google में कोई keyword search करते हैं, तब Google हमें अलग-अलग websites के links दिखता है. जैसे की मैंने Google में search किया, On Page SEO Tips in Hindi तो Google ने ShoutMeHindi का ही एक post दिखाया. इसमें जो Blue में show हो रहा है, उसे हम Meta Title कहेंगे, और जो उसके नीचे description show हो रहा है, उसे हम Meta description कहेंगे.

अब आप मुझे कहेंगे की Meta Title तो post का title ही हुआ. जी हैं, अगर आपने अलग से meta title tag में meta title set नहीं किया होगा तो Google आपके पोस्ट का ही title show करेगा. लेकिन यदि आपने अलग से अपने individual पोस्ट के लिए meta title और meta description set किया होगा तो Google उसे show करेगा, preference के तौर पर. ऐसा Google के साथ ही नहीं, बल्कि सभी search engines के साथ same है. इस चीज़ के बारे में हम और अपने पोस्ट के आगे वाले section में जानेंगे.

Meta Title और Meta Description को optimize कैसे करें?

जैसे की मैंने आपको बताया की अगर आप अलग से meta title और meta description को set नहीं करेंगे तो Google अपने आप आपके post के default title को उठा लेगा और आपके पोस्ट में से किसी भी piece of text को उठाकर, searched keyword के हिसाब से search results में show करेगा.



लेकिन SEO optimization में हम ये निश्चित करते हैं की हम अलग से Meta title और meta description set करेंगे और Google उसे ही search results में show करे. ऐसा करके हम description में keywords को include कर सकते हैं, जिससे की हमारी overall ranking में improvement होगी.

चलिए सबसे पहले जानते है की आप अलग से Meta Title और Meta Description को set कैसे कर सकते हैं. इसके लिए main आपको recommend करूँगा की आप Yoast plugin को install और activate कर लीजिये

Yoast plugin install करने के बाद आप इसे setup कर लें जिसके लिए आपको पूरी जानकारी ऊपर दिए गए पोस्ट में मिल जाएगी. अब बारी आती है meta title और meta description को optimize करने की. Yoast SEO आपको हर एक ब्लॉग पोस्ट को edit करते समय, WordPress Post Editor वाले page पर ही, नीचे अपना एक अलग से box provide करता है

इसमें basically आपको Focus keyword वाली फील्ड में अपना focused keyword enter करना होता और ये आपको बताता है analyse करके की आपका पोस्ट कितना optimized है. लेकिन यदि आप केवल meta title और meta description ही अलग से set करना चाहते हैं, तो आप चाहे ऐसा न भी करें.

Meta Title को edit करने के लिए बस इस box में ही, Blue Colored Title पर क्लिक कीजिये, इससे meta title field खुल जाएगी, आप जो भी meta title चाहे इसमें लिख सकते हैं, ऐसे ही आप meta description वाली field पर क्लिक करके उसे भी set कर सकते हैं.


अब बात केवल meta title और meta description को set करने की ही नहीं है बल्कि उसे SEO optimize करने की भी है. ऐसे में आप नीचे बताई गयी बातों को ध्यान में रखते हुए, Meta title और meta description को set कीजिये.


  • Meta Title और Meta Description दोनों में आपके main keyword का उपयोग हो.
  • Keyword stuffing तो बिलकुल मत कीजिये और इसे ज्यादा से ज्यादा natural रखिये. इसके साथ-साथ description appealing होना चाहिए ताकि readers आपके article को visit करें.
  • Meta Description और Meta Title की एक fixed length होती है, यदि आपका title या description इससे ज्यादा होगा तो Google उसे पूरा show नहीं कर पायेगा. इसको जांचे के लिए Yoast आपको Green line और red line से indication देता है. Green line का अर्थ है की सब ठीक है.
  • Keyword को meta title में front में रखने की कोशिश कीजिये.

ध्यान रखिये, Meta title और meta description ही ऐसी चीज़ जोकि लोग आपकी website पर आने से पहले देखते हैं, यदि ये बढ़िया होंगे तो naturally आपकी website पर ज्यादा ट्रैफिक आएगा.

Blogging Tips: Backlinks क्या हैं और यह SEO के लिए क्यों फायदेमंद हैं - Benefits of Backlinks

नमस्कार,

“Backlink” search engine optimization में सबसे ज्यादा use होने वाले शब्दों में से एक है।

बहुत से bloggers जिन्होंने recently blog या website शुरू करा है, उन्हें backlink के अर्थ को समझने में मुश्किल होती हैं।




मुझे आशा है कि इस post को पढ़ने के बाद आप Backlinks को समझ पाएंगे और यह भी जान पाएंगे कि वह SEO के लिए और आपकी online success के लिए क्यों important है।

चलिए शुरू करते हैं।

Backlinks किसी webpage पर आने वाले incoming links है।



जब कोई website किसी भी अन्य webpage के साथ link होता है, तो उसे Backlink कहते हैं. 

पहले, webpage की ranking में Backlinks major metric थे। कोई page जिसके बहुत सारे backlinks होते  हैं, वह webpage सभी major search engines (including Google) में higher rank पर होता है। आप देख रहे है - www.hinditipszone.com

यहाँ पर Backlink से related कुछ common terms की glossary है, जो आपको जाननी चाहिए:


  • Link Juice: जब कोई webpage आपके किसी भी article या आपकी website के homepage को link करता है, तो वह link juice pass करता है। यह link juice article की ranking में help करता है और domain authority को भी improve करता है। As a blogger, आप nofollow tag का use करके link juice को pass होने से रोक सकते हैं।
  • Nofollow Link: जब कोई website किसी दूसरी website को link करती है पर उस link के पास nofollow tag होता है, तो  link juice pass नहीं करता। Page की ranking के लिए Nofollow links useful नहीं हैं क्योंकि वह कुछ भी contribute नहीं करते। आम तोर पर, एक webmaster nofollow tag तब use करता है, जब वह किसी unreliable site से link out करता है। Example: दुसरे blogs पर comments से links.
  • Do-follow link: By default, वह सभी links जो आप blog post में add करते हैं, वे do-follow links होते हैं और यह link juice pass करते हैं।
  • Linking Root Domains: आपकी website पर किसी unique domain से कितने backlinks आ रहें हैं, ये उसको refer करते हैं। Even यदि कोई website आपकी website से 10 बार link करती है तो फिर भी उसे एक linked root domain consider किया जायेगा।
  • Low Quality Links: Low Quality Links वे links हैं जो कि harvested sites, automated sites, spam sites और even porn sites से आते हैं। यह links बहुत नुक्सान पहुंचते हैं। यह एक कारण है की आपको backlinks खरीदने समय सावधानी रखनी होगी।
  • Internal Links: वे links जो same domain के अंदर ही एक page से दुसरे page को link करते हों, उन्हें internal links कहा जाता है और खुद इस process को internal linking कहा जाता है।
  • Anchor Text: वह text जिसे hyperlink के लिए use किया जाता हो, उसे Anchor Text कहा जाता है।Anchor text backlinks तब बढ़िया work करते हैं जब आप particular keywords के लिए rank करने के लिए try कर रहे हों।


Backlinks बनाने पर SEO में क्या फायदा होता हैं

इससे पहले कि मैं backlinks के advantages की बात करूँ, आपको पता होना चाहिए कि पिछले कुछ सालों में Backlinks में बहुत कुछ बदल गया है। आप देख रहे है - www.hinditipszone.com

वह समय था जब even low-quality backlinks भी site की ranking में help करते थे। पर जबसे Google ने अपनी Penguin algorithm को roll out किया है तबसे backlinking की सारी जमीन बदल गयी है।

Quality sites से backlinks होना जरूरी है और ये backlinks contextual होने चाहिए। For Example: यदि आपकी website cooking के बारे में है तो आपकी Backlink cooking यह इसके related site से हो.

चलिए अब इस पर नज़र मारते हैं कि आपको site के लिए backlinks बनाना क्यों important है.

1. Organic Ranking Improve होती है:

Backlinks better search engine rankings प्राप्त करने में मदद करते हैं। यदि आपका कोई भी content, दूसरी sites से organic links प्राप्त करता है तो naturally ही वह content search engine में higher rank प्राप्त करता है। आपका goal, homepage के साथ individual post/pages के लिए link create करने का होना चाहिए।

2. Site की faster Indexing:

Backlinks search engine bots को आपकी site के links discover करने और उन्हें effectively crawl में help करते हैं। Especially, एक नयी website के लिए, backlinks प्राप्त करना जरूरी होता है क्योंकि ये sites की faster discovery और indexing में help करते हैं।

3. Referral Traffic:

Backlinks का एक major benefit ये भी है की ये referral traffic (Traffic जो आपके ब्लॉग पर search engine से नहीं आता बल्कि किसी और ब्लॉग के link  के through आता हैं ) लाने में help करते हैं।

आम तौर पर referral traffic targeted होता है और इसका bounce rate (bounce rate आपके वेबसाइट पर आने वाले visitors का वो percentage है जो एक बार आपकी वेबसाइट पर आकर पोस्ट को पढ़े बिना ही लौट जाते है) कम होता है।

Backlinks प्राप्त करना कैसे शुरू करें
तो अब आपको “backlink” term का meaning समझ लग गया होगा क्योंकि ये SEO से relate करता है। अब समय है backlinks generate करने के लिए, कुछ simple techniques learn करने का।




एक important fact जो आपको mind में रखना होगा कि SEO में Backlink का नंबर matter नहीं करता बल्कि links की quality matter करती है। आप देख रहे है - www.hinditipszone.com

यदि आप अपनी site के लिए links प्राप्त करने के लिए किसी paid service का use करते हैं तो आपको Google Penguin’s algo द्वारा penalized किये जाने की सम्भावना है।
Quality Backlinks प्राप्त करने के लिए, कौन-कौन से तरीके हैं?

  • Awesome articles लिखें।
  • Commenting शुरू करें।
  • Site को Web directories में submit करें।

1. Awesome articles लिखें:

यह आपके blog के लिए backlinks प्राप्त करने का best और सबसे बढ़िया तरीका है। Tutorials और Top 10 articles, बढ़िया examples है, दूसरी websites से references के तौर पर backlinks प्राप्त करने के। ऐसे articles proper research और practical examples पर based होते हैं।

2. Commenting शुरू करें:

Comments backlinks प्राप्त करने के लिए आसान और सबसे अच्छा हैं।

Dofollow forums, Dofollow blogs और WordPress blogs पर भी top commentator plugins का यूज़ करके commenting करना शुरू करें।

Latest News ने ये suggest किया है कि nofollow links इतना matter नहीं करते पर किसी blog पर commenting करने पर link juice बनने में benefit होगा। Commenting one-way solid backlinks बनाने में, ज्यादा traffic लाने में और search engine visibility बढ़ाने में help करती है।




3. Site को Web directories में submit करें:

अपने blog या site को web directories में submit करना backlinks प्राप्त करने का एक और बढ़िया और easy तरीका है। ये method आज-कल popular नहीं है क्योंकि legal web directory find करना कोई easy बात नहीं है। Especially आपको ऐसी web directories को avoid करना चाहिए जो आपको उनकी directory में शामिल करने के लिए अपनी website के लिए backlink create करने को कहती है।


Note: यह तरीका  इतना effective नहीं हैं पर इस प्रक्रिया में बहुत कम वक़्त लगता है. तो कुछ नहीं से होना, कुछ होना बेहतर हैं. 

यदि आप कोई automatic direct submission tactics को use कर रहें हैं तो उसे अभी बंद करें। Automatic Website Submission के कारण आपकी website spam के तौर पर appear होती है औए इससे आपको page की ranking में problem हो सकती है या आपका blog search engine से भी remove किया जा सकता है।

YouTube Vs Blogging? -आपको क्या चुनना चाहिए पढ़िए

आज मैं आपके साथ मुझसे अक्सर पूछा जाने वाला एक बहुत ही popular question discuss करने जा रहा हूँ. ये है, YouTube Vs Blogging? -आपको क्या चुनना चाहिए पढ़िए 



YouTube और Blogging internet से पैसा कमाने और अपनी दुनिया भर के लोगों तक अपना सन्देश पहुंचाने के दो साधन है. दोनों के अपने अलग-अलग फायदे है. दोनों fields ही काफी broad हैं, यानि की already दोनों fields में दुनिया भर के लाखों लोग involved हैं. इस प्रश्न का उत्तर हर व्यक्ति के लिए अलग होगा. किसी के लिए YouTube Best option होगा तो किसी के लिए Blogging. लेकिन आप कैसे पक्का करें कि आपके लिए कौनसा option Best रहेगा.

इसके लिए आपको इस आर्टिकल को अंत तक पढना होगा.

इस article में मैं YouTube और Blogging, दोनों का comparison करूँगा. Comparison में हम सबसे पहले YouTube और blogging दोनों में similarities देखेंगे और फिर बाद में Tabular difference. इन चीज़ों को ध्यान में रखते हुए, आप खुद निश्चित कर पाएंगे कि आपके लिए क्या best रहेगा.




तो चलिए शुरू करते हैं, similarities (समानताओं के साथ)

YouTube और Blogging में Similarities
YouTube और Blogging की कुछ similarities नीचे explain की गयी हैं.

1. दोनों में आपको Original Content चाहिए
दोनों ही content के बलबूते चलते हैं. आपके blog पर लोग आपके articles को पढने के लिए आयेंगे, और आपके YouTube channel पर आपकी videos को देखने के लिए. लोग ऐसे blogs को visit करना पसंद करेंगे जिसपर बहुत सारे useful articles होंगे और ऐसे YouTube चैनल को जिसपर बहुत सारी बढ़िया videos होंगी.

आप सभी जानते ही होंगे, चाहे, articles को लिखना और या फिर videos को create करना दोनों ही काम मेहनत और proper research वाले हैं. अब आप ये देखें कि आप क्या काम बढ़िया कर सकते हैं?

2. दोनों में कुछ छोटी-छोटी Investments चाहिए
हलाकि दोनों ही शुरुआत करने के लिए फ्री है. आप Blogger पर फ्री blog बना सकते हैं और YouTube पर भी screen recording या फिर mobile आदि से video रिकॉर्ड करके फ्री में videos upload कर सकते हैं. लेकिन यदि आप professionalism चाहते हैं, तो आपको एक self-hosted WordPress ब्लॉग चाहिए और YouTube चैनल पर बढ़िया content के लिए, बढ़िया camera, mic आदि के लिए investment चाहिए.

3. दोनों के लिए आपको बहुत कुछ सीखना पड़ेगा
दोनों ही चीज़ों को आपको चीज़ों की proper knowledge होना ज़रूरी है. आप यदि irrelevant topics पर ही articles लिखते जायेंगे जिन्हें कोई search नहीं करना तो इसका क्या फायदा? इसी प्रकार irrelevant videos बनाने का भी कोई फायदा नहीं है. तो आपको पहले Internet पर proper research करके चीज़ों को सीखना होगा.

एक बाद याद रखिये, Learning is a never ending process, दोनों fields में आप जितना ज्यादा सीखेंगे, उतना ही आपको फायदा होगा.

4. दोनों के लिए आपको Time Devote करना होगा और Efforts करने होंगे
Content create करने में काफी time लगता है और efforts भी, फिर चाहे वो articles हों या फिर video. बढ़िया articles के लिए आपको proper research और planning की ज़रुरत है, जिसके लिए काफी time लगता है और बहुत ज्यादा मेहनत भी. दोनों चीज़ें आसान तो बिलकुल नहीं है

5. दोनों ही Long Term में Results देते हैं
एक चीज़ याद रखें, दोनों चीज़ें समय लेंगी, इससे पहले कि आपको कोई result मिले, या फिर आप इनसे पैसे कमाना शुरू कर पायें. कोई भी इनमे से overnight money making technique नहीं है. Blogs और YouTube channels को आपको अच्छे results देने में, 6 महीने से 1 साल तक का समय लग सकता है और वो भी कुछ शर्तों के साथ:





  • यदि आप अपने blog पर regular नया content जिसकी searches अच्छी है, publish करते रहें, proper SEO के साथ.
  • यदि आप regularly quality videos publish करते रहे, SEO के साथ.

6. दोनों पैसे कमाने के और लोगों तक reach बढाने के बढ़िया तरीके हैं
यदि आप पूरी मेहनत साथ ब्लॉग चलाते हैं या फिर एक YouTube channel proper techniques के साथ चलाते हैं, तो आपको फायदा होगा, पैसों के मामले में भी और popularity के हिसाब से.

क्या Blogging और YouTube दोनों एक साथ करना बढ़िया रहेगा?
आप दोनों चीज़ें साथ में भी कर सकते हैं. लेकिन फिर से, दो चीज़ें matter करती है, time और efforts. यदि आपके पास इतना time है कि आप दोनों चीज़ें साथ-साथ कर सकते हैं और आप इसके लिए अपनी पूरी मेहनत लगा सकते हैं, तो आप ज़रूर कीजिये.

ज़्यादातर लोगों के पास इतना समय भी नहीं होता कि वो अपने business या job के side में blogging या YouTube दोनों में से कोई एक option भी कर पायें. अब ये completely आप पर depend करता है कि आप इस काम के लिए अपने आप को कितना devote कर सकते हैं.

Blogging No.1 Tips - Black Hat SEO Vs White Hat SEO: Difference समझें

जब कभी भी Search Engine Optimization पर कोई guide लिखने की बात आती है, मैं शब्दों का सावधानी से उपयोग करता हूं। क्योंकि कई बार readers इसे गलत संदर्भ में ले लेते हैं और एक हद तक White Hat SEO techniques का उपयोग करते हैं, फिर Black Hat SEO करना शुरू कर देते हैं। जैसा कि रंग से पता चलता है, Black यहां पर कुछ गलत होने को बताता है वहीं White निष्पक्ष और सही तरीके को बताता है।





अगर आपको website या blog चलाने का थोड़ा बहुत अनुभव है तो संभवतया आप White Hat और Black Hat SEO का मतलब जानते होगें। लेकिन बहुत सारे newbies SEO के इन दोनों तरीकों में difference नहीं जानते। विशेष रूप से, जब वे कुछ ऐसा पढ़ते है कि “Backlinks से आपकी website की ranking सुधारेगी।“ और जब वे देखते हैं कि Fiverr or Black Hat SEO forum जैसी websites  पर  “thousands of link in less than $10″ के बारे में देखते है तो वे फटाफट ऐसे offers को खरीद लेते है और ऐसा feel करते है जैसै कोई इनाम जीता लिया हो। फिर बाद में पता चलता है कि इस तरह के links Spam या automated websites से आते हैं जो कि अच्छा करने से ज्यादा बुरा ही करते हैं।



Google इन्हें penalize भी कर देता है, लेकिन मैं इसे पूरी तरह से उनकी गलती नहीं मानता क्योंकि उन्हें गलत जानकारी दी गई थी। अगर आप भी उन्हीं नये bloggers में से एक है तो हमेशा याद रखे कि अमीर बनने का कोई shortcut नहीं होता है। वैसे ही अच्छी ranking प्राप्त करने का भी कोई shortcut नहीं होता है। Website की ranking बढाना एक धीमा process है और इसके लिए बहुत सारी चीजों पर काम करना होगा। विभिन्न ranking factors के बारे में हम किसी और दिन बात करेंगे। अभी हम black hat SEO के बारे में बात करेंगे। यह आपकों ना केवल दूसरे नये bloggers की तरह गलतियां करने से बचायेगा बल्कि आपको इससे यह भी पता चलेगा कि अच्छी SEO practices क्या होती है जिन्हें आपकों अपने blog के लिए follow करना चाहिए।

Black hat SEO technique वो होती है जिन्हें prefer नहीं किया जाता है या जिनका favor नहीं किया जाता है और यह गलत मानी जाती है। साथ ही SEO implementation में भी गलत मानी जाती है। जबकि White hat SEO techniques black hat SEO के बिल्कुल opposite होती है और SEO की दुनिया में हमेशा इनका उपयोग किया जाता है।

Black Hat SEO और White Hat SEO के बीच Basic difference क्या है?
किसी भी काम को करने के लिए हमेशा एक अच्छा और एक गलत तरीका होता है। यहीं SEO Techniques के बारे में भी लागू होता है। अंतर्राष्ट्रीय रूप से SEO professionals कुछ criteria, parameters और recommended trends follow करते हैं। जिन्हें सभी बड़े search engines की ओर से अपनाया गया है और इन्हीं search engines की ओर से बनाई गई guidelines में दी गई techniques को ही White Hat SEO कहते हैं।आप देख रहे है - www.hinditipszone.com

लेकिन समस्या तब शुरू होती है जब लोग White Hat SEO को इस तरह इस्तेमाल करना शुरू कर देते हैं कि यह spam की तरह फैल जाता है और कुछ ही समय बाद यह Black Hat SEO बन जाता है या जिसे search engines स्वीकार नहीं करते। इसी तरह White hat SEO को गलत उपयोग का एक उदाहरण back link building है। वहीं Guest posting और Article Directory submission जो एक तरह की blogging हुआ करता था, back link building की वजह से बंद कर दिया गया।



एक तरह से, Black Hat SEO को हमेशा SEO लोगों की ओर से किसी को भी कम समय में ऊपर rank करने के लिए उपयोग किया जाता है और Black Hat SEO techniques का सबसे बड़ा नुकसान है कि वे ज्यादा समय तक काम नहीं करती। वहीं जो website Black Hat SEO का इस्तेमाल करती है उन्हें बड़े search engines की ओर से blacklisted कर दिया जाता है। अब कुछ सामान्य Black Hat SEO methods के बारे में जानते हैं जिनका आजकल उपयोग होता है।

Black Hat SEO Techniques

Black Hat SEO Techniques कही जाने वाली बहुत सारी techniques है जिनकों भरोसेमंद SEO professionals की ओर से support नहीं किया जाता है या स्वीकारा नहीं जाता। मैं यहां कुछ shortcuts या faulty measures की list दे रहा हूं जिन्हें गलत तरीके से SEO apply करना माना गया है।

Cloaking

कुछ लोग search engine व visitors के लिए एक ही page के दो  version बनाते हैं। जब search engine spider or boat इन pages से crawl करता है तो यह पेज बनाने के process से satisfy तो हो जाता है, लेकिन visitors को display कुछ और ही होता है। यहीं process cloaking कहलाता है।आप देख रहे है - www.hinditipszone.com

Meta Tag Stuffing

किसी भी SEO process को meta tag keyword लिखते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि जो पेज में content दिया गया है वे उसे ही represent करें। किसी भी एक keyword का meta tag में हद से ज्यादा इस्तेमाल हमेशा meta tag stuffing की तरह माना जाता है।

Keyword Stuffing

इस पर की गई debates में हमेशा confusion रहता है कि कितनी प्रतिशत keyword density SEO Techniques के लिए अच्छी रहेगी। इसे confirm करने के लिए कोई fix parameter नहीं है। लेकिन ज्यादातर SEO professionals 2-3% keyword density ही prefer करते हैं। Search Engines boats के लिए केवल illusion create करने के लिए ज्यादा keyword का उपयोग करना भी गलत technique है और सामान्यतया Keyword Stuffing कहलाता है।

Doorway or Gateway Pages

यह low quality web pages होते है जिन पर पर्याप्त content नहीं होता है, लेकिन यह keyword stuffing से भरे होते हैं। इन Poor quality page को बनाने की प्रक्रिया को ही Doorway or Gateway pages कहा गया है।

Mirror Websites

इस process में एक व्यक्ति कई सारी websites बनाता है लेकिन उन सभी में एक ही तरह का content होता है।

Page Hijacking

Page Hijacking वह technique है जिसमें कोई एक dummy और bogus content बनाता है जिसे crawler के सामने original content की तरह serve किया जाता है। लेकिन यह user को किसी nasty or fraud website पर भेज देता है।

यह कुछ कम लोकप्रिय techniques है जिन्हें हमें किसी भी website पर SEO के aspects से avoid करना चाहिए।

White Hat SEO Techniques

जिस तरह से कुछ techniques को avoid करने की जरूरत होती है, ठीक उसी तरह website को search engine friendly बनाने के लिए कुछ ऐसी methods भी होती है जिन्हें follow करने के लिए highly recommend की जाती है। इन techniques को White Hat SEO techniques कहा जाता है। यह SEO professionals को गलत methods का उपयोग करने में मदद करती है।

Non-Deception

White Hat SEO techniques का पहला और आखिर aspect होता है deception को जितना हो सके उतना avoid करना। आपको अपनी website की original copies ही bots/crawlers और visitors दोनों को provide करनी चाहिए।

Follow Search Engine Guidelines

Website की search engine performance को improve करने के लिए ही SEO techniques का उपयोग किया जाता है। जो यह भी सुनिश्चित करता है कि website अपने उद्देश्य प्राप्त करें। लेकिन इन उद्देश्यों को search engines की guidelines के बिना प्राप्त करना ना केवल इनका उल्लघंन है बल्कि कई बार यह बहुत भारी भी पड़ जाता है। आप Google Webmaster guidelines को यहां देख सकते हैं।आप देख रहे है - www.hinditipszone.com

Serve visitors

White Hat SEO technique साफतौर पर यह कहती है कि website में दी गई images और content visitors के लिए ही बना हो और यह किसी भी रूप में search engine या results के अनुसार manipulate नहीं हो। आपको यह simple or golden rule को positive side रहने के लिए follow करना चाहिए।

Good quality content



SEO techniques में content ही मुख्य पहलू होता है, यह कम quality content के लिए बिल्कुल भी जगह नहीं छोड़ता। किसी भी SEO professional को अपने search engine और visitors के लिए good quality content ही काम में लेना चाहिए जो दोनों के लिए informative और helpful हो। Check out attributes of high quality content.

Good quality web pages



हमेशा Good quality web pages का ही उपयोग करें। कुछ अच्छी quality के web pages होना यह सुनिश्चित करता है कि search engine processes की algorithm में छोटे changes होने के बावजूद भी website की performance अच्छी condition में ही रहेगी।

इन सभी simple White Hat SEO techniques को follow करना और सभी Black Hat SEO techniques को avoid करना ही इस तेजी से बदलती दुनिया में आपकी website को healthy रखेगा। इसके अलावा जब आप किसी SEO company या SEO freelancer को अपनी website को optimize करने के लिए hire करें तो आपको कुछ इस तरह की चीजें निश्चित ही पूछनी चाहिए-

  • कौनसी link building technique का आप उपयोग करेगें?
  • Website में आप किस तरह के changes करेगें?
  • इस Keyword के लिए मुझे rank करवाने के लिए आप कौनसी method काम में लेगें?

अगर Black Hat Vs. White Hat SEO को लेकर आपका कोई question है तो comments में लिखकर मुझे पूछे। अगर आपको यह article informative लगा तो इसे apne Google plus और Facebook पर  #SEO के साथ share करें।