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दुर्गा पूजा पर निबंध-विभिन्न शब्द सीमाओ में | Durga Puja In Hindi

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हम यहाँ विभिन्न शब्द सीमाओं में विद्यार्थियों की निबंध लेखन में मदद करने के उद्देश्य से दुर्गा पूजा पर कुछ निबंध उपलब्ध करा रहे हैं। आजकल, स्कूल या कॉलेजों में शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों में किसी भी विषय पर कौशल या ज्ञान को बढ़ाने के लिए निबंध लेखन या पैराग्राफ लेखन को आमतौर पर रणनीति के रुप में प्रयोग किया जाता है। यहाँ उपलब्ध सभी दुर्गा पूजा पर निबंध सरल और आसान वाक्यों में विद्यार्थियों के लिए पेशेवर लेखकों के द्वारा लिखे गए हैं। विद्यार्थी कोई भी दुर्गा पूजा पर निबंध को अपनी आवश्यकता और जरुरत के अनुसार चुन सकते हैं:

दुर्गा पूजा पर निबंध-
दुर्गा पूजा पर निबंध 1 (100 शब्द)
परिचय
दुर्गा पूजा हिन्दूओं के महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। यह हिन्दू धर्म के लोगों द्वारा हर साल महान उत्साह और विश्वास के साथ मनाया जाता है। यह एक धार्मिक त्योहार है, जिसके बहुत से महत्व है। यह हर साल पतझड़ के मौसम में आता है।

विशेष क्या है
इस त्योहार के दौरान, देवी दुर्गा की लोगों द्वारा पूरे नौ दिनों तक पूजा की जाती है। त्योहार के अन्त में, देवी दुर्गा की मूर्ति को नदी या पानी के टैंक में विसर्जित किया जाता है। कुछ लोग पूरे नौ दिनों का उपवास रखते हैं हालांकि, कुछ लोग केवल पहले दिन और आखिरी दिन ही उपवास रखते हैं। लोगों का विश्वास है कि, ऐसा करने से उन्हें देवी दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त होगा। उनका विश्वास होता है कि, दुर्गा माता उन्हें सभी समस्याओं और नकारात्मक ऊर्जा से दूर रखेंगी।

दुर्गा पूजा पर निबंध 2 (150 शब्द)

परिचय
दुर्गा पूजा भारत का धार्मिक त्योहार है। यह बहुत खुशी के साथ देश भर में हिंदू लोगों द्वारा मनाया जाता है। सभी लोग बहुत से स्थानों पर शहरों या गाँवों में इस पूजा को बहुत अच्छे से सांस्कृतिक और परंपरागत तरीके से मनाते हैं। यह बहुत ही खुशी वाला अवसर होता है विशेषरुप से, विद्यार्थियों के लिए क्योंकि, उन्हें छुट्टियों के कारण अपने व्यस्त जीवन से कुछ आराम मिलता है। यह बहुत ही अच्छे तरीके से मनाया जाता है, कुछ बड़े स्थानों पर बड़े मेलों का भी आयोजन किया जाता है।

दुर्गा पूजा का महत्व
दुर्गा पूजा नौ दिन तक चलने वाला त्योहार है। दुर्गा पूजा के दिनों को स्थान, परंपरा, लोगों की क्षमता और लोगों के विश्वास के अनुसार मनाया जाता है। कुछ लोग इसे पाँच, सात या पूरे नौ दिनों तक मनाते हैं। लोग दुर्गा देवी की मूर्ति की पूजा “षष्टी” से शुरु करते हैं, जो “दशमी” पर खत्म होती है। समाज या समुदाय में कुछ लोग पास के क्षेत्र में पंडाल को सजा कर मनाते हैं। इन दिनों में, आस-पास के सभी मन्दिर विशेषरुप से, सुबह में पूरी तरह से भक्तिमय हो जाते हैं। कुछ लोग घरों में ही सभी व्यवस्थाओं के साथ पूजा करते हैं और अन्तिम दिन मूर्ति के विसर्जन करने के लिए जाते हैं।


दुर्गा पूजा पर निबंध 3 (200 शब्द)
परिचय
भारत त्योहारों और मेलों की भूमि है। ऐसा इसलिए कहा जाता है, क्योंकि यहाँ विभिन्न धर्मों के लोग रहते हैं और वे सभी पूरे साल अपने-अपने त्योहारों और उत्सवों को मनाते हैं। यह इस ग्रह पर पवित्र स्थान है, जहाँ बहुत सी पवित्र नदियाँ हैं और बड़े धार्मिक त्योहारों और उत्सवों को मनाया जाता है। लोगों विशेषरुप से, पूर्वी भारत के लोगों द्वारा मनाया जाने वाला नवरात्री (अर्थात् नौ रातों का त्योहार) या दुर्गा पूजा एक त्योहार है। यह पूरे देशभर में खुशहाली पूर्ण उत्सवों का वातावरण लाता है। लोग देवी दुर्गा की पूजा के लिए मंदिरों में जाते हैं या घर पर ही पूरी तैयारी और भक्ति के साथ अपने समृद्ध जीवन और भलाई के लिए पूजा करते हैं।

दुर्गा पूजा का उत्सव
नवरात्री या दुर्गा पूजा का उत्सव बुराई के ऊपर अच्छाई की जीत के रुप में मनाया जाता है। भक्तों द्वारा यह विश्वास किया जाता है कि, इस दिन देवी दुर्गा ने बैल राक्षस महिषासुर पर विजय प्राप्त की थी। उन्हें ब्रह्मा, भगवान विष्णु और शिव के द्वारा इस राक्षस को मारकर और दुनिया को इससे आजाद कराने के लिए बुलाया गया था। बहुत दिनों के युद्ध के बाद, उन्होंने उस राक्षस को दसवें दिन मार गिराया था, वह दिन दशहरा कहलाता है। नवरात्री का वास्तविक अर्थ, देवी और राक्षस के बीच युद्ध के नौ दिन और नौ रात से है। दुर्गा पूजा के त्योहार से भक्तों और दर्शकों सहित विदेशी पर्यटकों की एक स्थान पर बहुत बड़ी भीड़ जुड़ी होती है।

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