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How To Play Football In Hindi | Rules and Tricks

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फुटबॉल खेल को कैसे खेलते हैं

फुटबॉल एक लोकप्रिय खेल है, जो खिलाड़ियों को स्वस्थ और अनुशासित रखता है। यह उनके मन में टीम भावना और उन के बीच में सहिष्णुता की भावना विकसित करता है। यह 90 मिनट (45 मिनट और 15 मिनट के दो अन्तरालों में बाँटकर खेले) के लिए खेला जाने वाला खेल है। यह खेल 11-11 खिलाड़ियों को रखने वाली दो टीमों के बीच में खेला जाता है। खिलाड़ियों को अपनी विरोधी टीम के गोल-पोस्ट में गेंद को पैर से मारकर गोल करना होता है। प्रतिद्वंदी टीम के गोल को रोकने के लिए, दोनों पक्षों में एक-एक गोलकीपर होता है। इस खेल में गोल कीपर को छोड़कर किसी भी अन्य खिलाड़ी को गेंद को हाथ से छूने की अनुमति नहीं है। जो टीम दूसरी टीम के खिलाफ अधिक गोल बनाती है, वही विजेता घोषित की जाती है और अन्य दूसरी टीम हारी हुई मानी जाती है। मैदान में खिलाड़ियों के अतिरिक्त खेल को उचित ढंग से आयोजित करने के लिए एक रेफरी और दो लाइनमैन (प्रत्येक पक्ष पर) होते हैं। खेल के दौरान सभी खिलाड़ियों को खेल के नियमों का कड़ाई से पालन करने की चेतावनी दी जाती है। यह एक अन्तर्राष्ट्रीय खेल बन गया है और हर चार साल के बाद वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के रुप में विश्व भर के विभिन्न देशों में खेला जाता है।
चलिए जानते हैं, फुटबॉल से जुड़ी कुछ अहम जानकारियां: 

फुटबॉल टीम में 11 खिलाड़ी होते हैं:

Striker: मुख्य काम गोल मारना होता है।
Defenders: खासतौर पर अपने विरोधियों को गोल स्कोर करने से रोकता है।
Midfielder: विपक्षियों से बॉल छीन कर अपने आगे खेलने वाले प्लेयर्स को बॉल देने का काम करता है।
Manager: रणनीति बनाने में अहम रोल निभाता है।
Goalkeeper: गोल कीपर इकलौता ऐसा खिलाड़ी होता है, जिये अपने हाथ या बांह में बॉल पकड़ कर खेलने की इजाजत होती है, लेकिन वह अपने गोल के सामने पेनल्टी एरिया तक ही ऐसा कर सकता है।
Pitch Length: 100-110 मीटर
Pitch Width: 64-75 मीटर
Penalty Area: हर गोल के सामने का एरिया पेनल्टी एरिया के रूप में जाना जाता है। यह एरिया सर्किल लाइन से पहचाना जा सकता है। यह गोल पोस्ट से 16.5 मीटर की दूरी तक होता है।
Penalty Kick: गोलकीपर की पॉजिशन या डिफेंस करने वाली टीम अगर फॉउल करती है तो सजा के तौर पर पेनल्टी दी जाती है।
Time: मैच 90 मिनट का होता है, जिसमें 45-45 मिनट के दो हिस्से होते हैं।
Kick-off: गेम टाइम की शुरुआत किक मारने (kick-off) के साथ होती है।
Penalty Shootouts: लीग गेम्स में खेल ड्रॉ के साथ खत्म हो सकता है, लेकिन कुछ नॉक आउट गेम्स में अगर खेल तय समय तक टाई रहा तो वह मैच एक्स्ट्रा टाइम तक चल सकता है। अगर एक्स्ट्रा टाइम के बाद भी टाई रहता है तो पेनल्टी शूटआउट (नियम के मुताबिक पेनल्टी पॉइंट से किक मारना कहा जाता है) का प्रयोग किया जाता है।
Throw-in: जब बॉल पूरी तरह से रेखा पार कर जाती है, तब उस विरोधी टीम को इनाम मिलता है, जो बॉल आखिरी बार छूता है।
Goal kick: जब बॉल पूरी तरह गोल रेखा को पार कर जाती है तो गोल के बिना ही स्कोर होता है और अटैकर द्वारा बॉल को आखिरी बार छूने के कारण डिफेंस करने वाली टीम को इनाम मिलता है।
Corner kick: जब बॉल बिना गोल के ही गोल रेखा को पार कर जाती है और डिफेंस करने वाली टीम द्वारा बॉल को आखिरी बार छूने के कारण हमलावर टीम को इनाम में मिलता है।
Indirect free kick: यह विरोधी टीम को इनाम में मिलती है, जब बिना किसी विशेष फाउल के बॉल को बाहर भेज दिया जाए और खेल रुक जाए।
Dropped-‌Ball: जब रेफरी किसी दूसरी वजह से गेम को रोक दे, जैसे प्लेयर को गंभीर चोट लगना या बॉल का खराब हो जाना।
Yellow Card: रेफरी प्लेयर को पनिशमेंट के रूप में उसके गलत बर्ताव के लिए Yellow Card दिखाकर मैदान के बाहर भेज सकता है।
Red Card: एक ही खेल में दूसरी बार पीला कार्ड मिलने का मतलब है रेड कार्ड का मिलना और उसके बाद मैदान से बाहर। अगर एक प्लेयर को बाहर निकाल दिया जाता है तो उसकी जगह कोई दूसरा प्लेयर नहीं आ सकता।
Offside: ऑफ साइड नियम में आगे के प्लेयर बॉल के बिना बचाव करते दूसरे प्लेयर के आगे नहीं जा सकते, खासकर विरोधी टीम की गोल रेखा के एकदम पास।

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