मां कालरात्रि - लगाएं गुड़ का भोग, मंदिर में बांधे लाल धागा

नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। मां कालरात्रि यंत्र, मंत्र और तंत्र की देवी हैं। भगवान शंकर ने एक बार देवी को काली कह दिया, कहा जाता है, तभी से इनका एक नाम काली भी पड़ गया। दानव, भूत, प्रेत, पिशाच आदि इनके नाम लेने मात्र से भाग जाते हैं। यह सदैव शुभ फल देने वाली हैं। इसी कारण इनका एक नाम शुभकारी भी है।
लगाया जाता है मां को गुड़ का भोग
कहा जाता है कि मां गुड़ का भोग लगाने से प्रसन्न हो जाती हैं। इसलिए सप्तमी को मां कालरात्रि को गुड़ का भोग लगाना चाहिए। भोग लगाने के बाद गुड़ का आधा हिस्सा परिवार में बांटना चाहिए और बाकि ब्राह्मण को देना चाहिए।

आज मंदिर में बांध आएं लाल धागा
मनोकामना पूर्ति के लिए बांधे लाल धागा.
नवरात्र में मां दुर्गा के मंदिर में लाल धागा या लाल मौली या लाल कलावा बांध आएं। धागा बांधते समय अपनी मनोकामना पूरी करने की प्रार्थना करें। निश्चित रूप से आपकी हर मनोकामना पूरी होगी। मनोकामना पूरी होने के बाद आप वो लाल धागा जरूर खोल दें। अगर ऐसा नहीं कर पा रहे हैं तो किसी निर्धन को भोजन करा दें। ऐसा करने से आपकी और भी मनोकामनाएं पूरी हो जाएंगी।

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