Sunday, 20 January 2019

Calotropis Gigantea Flower Benefits For Swine Flu In Hindi

Calotropis Gigantea Flower Benefits For Swine Flu In Hindi

Calotropis Gigantea Flower Benefits For Swine Flu In Hindi
Sunday, 20 January 2019
स्वाइन फ्लू एक बार फिर से अपना प्रकोप दिखाना शुरू कर दिया है। आलम यह है कि सिर्फ आम व्यक्ति ही नहीं बल्कि बड़े बड़े नेता और सेलेब्रिटी भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। पिछले दिनों बीजेपी के बड़े नेता रविशंकर प्रसाद को स्वाइन फ्लू हुआ था तो अब बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी स्वाइन फ्लू की चपेट में आ चुके हैं। आप भी अपने आसपास के लोगों को स्वाइन फ्लू की चपेट में आते हुए देख रहे होंगे। कहने का मतलब यह है कि जिस तेजी से यह रोग फैल रहा है उससे लगता है कि यह इतनी जल्दी जाने वाला नहीं है। इसलिए जरूरी है कि आप अपना खुद ख्याल रखें। यह एक संक्रमित रोग है जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। अगर इसके लक्षणों के बात करें तो वह जुकाम से काफी मिलते हैं। ऐसे में आपको समझ ही नहीं आएगा कि आपके आसपास के व्यक्ति को सामान्य जुकाम है या फिर वह स्वाइन फ्लू का मरीज है। इसलिए जरूरी है कि आप अपनी सुरक्षा के इंतजाम खुद ही करें। आज हम आपको स्वाइन फ्लू से बचने के लिए अर्क या आक फूल के फायदे बता रहे हैं। आइए जानते हैं क्या हैं अर्क फूल के फायदे-
Calotropis Gigantea Flower Benefits For Swine Flu In Hindi
अर्क का फूलअर्क, आक, अकोवा और मदार इस फूल के कई नाम है। इसमें कई औषधीय गुण पाए जाते हैं। यह सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसके फूल-पत्तियों का इस्तेमाल करने से स्वाइन फ्लू रोग आसपास भी नहीं आता है। इसके लिए आपको रोजाना गुनगुने पानी के साथ इस फूल को या फिर इसकी पत्त्यिां चबानी है। सिर्फ स्वाइन फ्लू ही नहीं बल्कि इसके सेवन से अस्थमा, डायबिटीज, कुष्ठ रोग और बवासीर जैसी बीमारियों को दूर करने में मदद करता है। इससे स्किन में एलर्जी या खुजली जैसी समस्याओं को दूर किया जा सकता है। विषैला होने के बावजूद भी इस पौधे में कई गुण हैं। आपको बता दें कि मदार का पुष्‍प भगवान शिव को भी चढ़ाया जाता है। हिंदू मान्‍यताओं के अनुसार इस पुष्‍प से भगवान शिव प्रशन्‍न होते हैं। तो आइए जानते है किस तरह इस पौधे के फूल, पत्ते का इस्तेमाल से बड़ी-बड़ी बीमारियों को दूर करने में मदद करता है। पुराणों में इसके महत्ता का वर्णन किया गया है। अर्क को आक भी कहते हैं, यह सफेद और लाल दो रंग का होता हे।

स्वाइन फ्लू के लक्षण

  • बुखार या बढ़ा हुआ तापमान
  • अत्यधिक थकान
  • सिरदर्द
  • ठण्ड लगना या नाक निरंतर बहना
  • गले में खराश
  • कफ
  • सांस लेने में तकलीफ
  • भूख कम लगना
  • मांसपेशियों में बेहद दर्द
  • पेट खराब होना, जैसे कि उल्टी या दस्त होना

जानें इस फूल के अन्य लाभ

  • मदार के फूलों को सूखा कर रोजाना इसका चूर्ण खाने से अस्थमा, फेफडों के रोग और शरीर की कमजोरी दूर हो जाती है।
  • रोजाना सुबह इस पौधे की पत्तियों को पैर के नीचे रख कर जुराबें डाल लें। रात को सोने से पहले इस पत्ते को निकाल दें। इसका इस्तेमाल शुगर कंट्रोल करने में मदद करता है।
  • आक का पत्ता और डण्ठल को पानी में भिगो दें। इसे पीने से बवासीर की समस्या हमेशा के लिए दूर हो जाएगी।
  • लेप्रोसी यानी कुष्ठ रोग में मदार की पत्तियों को पीस कर सरसों के तेल में मिक्स करें। इसे कुष्ठ रोग के घाव पर लगाएं। इसे नियमित रूप से लगाने पर घाव जल्दी भर जाएंगे।
  • शरीर के किसी भी हिस्से में चोट लगने पर आक के पत्तों को गर्म करके बांध लें। इससे चोट से खून बहना बंद होने के साथ-साथ दर्द और सूजन भी दूर हो जाएगी।
  • स्किन में एलर्जी या रूखेपन के कारण खुजली की समस्या हो जाती है। इससे छुटकारा पाने के लिए इसकी जड़ को जला लें। इसकी राख को कड़वे तेल में मिलाकर खुजली वाली जगहें पर लगाएं। खुजली की परेशानी दूर हो जाएगी।
  • अर्क पत्रों के बीच लहसुन को रखकर थोड़ी देर तक गरम करने के बाद उसमें से लहसुन निकालकर उसके रस को कान में डालने से कान में होने वाला दर्द ठीक हो जाता है।
  • मिर्गी के रोगियों के लिए यह बहुत फायदेमंद है। अर्क को बकरी के दूध में पीसकर नाक में टपकाने से मिर्गी दूर होती है।
  • दांत में अगर दर्द हो रहा हो तो अर्क को दांत पर रखकर चबाने से दांत का दर्द कम हो जाता है।
  • अर्क, गन्धक, हरताल, कुटकी, हल्दी को बराबर मात्रा में लेकर गोमूत्र में पीसकर सात दिन तक लगाने से शरीर पर किसी भी प्रकार के सफेद दाग मिट जाते हैं।
  • अर्क के चूर्ण में शक्कर मिलाकर सेवन करने से आमवात, कुष्ठ, उपदंश व अन्य रक्तविकारों में फायदा होता है।
  • अर्क, काली मिर्च, कर्पूर को पीसकर इसे सुखा दीजिए। इसकी छोटी-छोटी गोलियां बनाकर मधू के साथ अर्क के मरीजों को दीजिए।
  • मलेरिया बुखार होने पर अर्क के पुष्‍प का सेवन करना चाहिए। अर्क पुष्प की 2 डोडी (बिना खिले हुए) थोड़े से गुड़ में लपेटकर खाने से मलेरिया का बुखार बढ़ता नहीं और ठीक हो जाता है।
  • सांस लेने में दिक्‍कत होने पर पिप्पली 1 भाग, सेंधा नमक, अर्क पुष्प कली 2 भाग पीसकर सेवन करने से श्वांस में लाभ होता है।
Calotropis Gigantea Flower Benefits For Swine Flu In Hindi
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Oleh

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